प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi ने रविवार को कोरोनावायरस लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) के लिए देश की जनता क्षमा मांगते हुए कहा कि यह फैसला जरूरी था.
देश में कोरोनावायरस (Coronavirus) के मरीजों की संख्या बढ़कर एक हजार के करीब पहुंच गई है. अबतक देशभर में कोरोना के कुल 979 मामले सामने आए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, इस बीमारी से अब तक 25 मरीजों की मौत हो चुकी है. राहत वाली बात ये है कि 87 मरीज ठीक भी हो चुके हैं. इन आंकड़ों से जाहिर है कि 61 नए मामले सामने आए हैं. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi ने रविवार को कोरोनावायरस लॉकडाउन (Coronavirus Lockdown) के लिए देश की जनता क्षमा मांगते हुए कहा कि यह फैसला जरूरी था. उन्होंने कहा, "ये लॉकडाउन आपके खुद के बचने के लिए है. आपको खुद को और अपने परिवार को बचाना है. आपको लक्ष्मण रेखा का पालन करना ही है. कोई कानून, कोई नियम नहीं तोड़ना चाहता लेकिन कुछ लोग अभी भी ऐसा कर रहे हैं, वो परिस्थितियों की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं."
मामले से जुड़ी अहम जानकारियां :
- पीएम मोदी ने रविवार को 'मन की बात' कार्यक्रम में कहा, 'सबसे पहले मैं देशवासियों से क्षमा मांगता हूं. मुझे विश्वास है कि आप मुझे जरूर क्षमा करेंगे. कुछ ऐसे फैसले लेने पड़े हैं, जिसकी वजह से आपको परेशानी हुई है. गरीब भाई-बहनों से क्षमा मांगता हूं. आपकी परेशानी समझता हूं लेकिन 130 करोड़ देशवासियों को बचाने के लिए इसके सिवा और कोई रास्ता नहीं था, इसलिए ये कठोर कदम उठाना आवश्यक था. दुनिया की हालत देखने के बाद लगा था कि यही एक रास्ता बचा है.
- कोरोनावायरस लॉकडाउन के बावजूद भी लोग अपने-अपने घर की ओर लौट रहे हैं. केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि जो लोग भी लॉकडाउन का उल्लंघन करते हुए एक जगह से दूसरी जगह गए हैं, उन्हें कम से कम 14 दिन के लिए आइसोलेट किया जाएगा.
- केंद्र सरकार ने निर्देश में देशभर के सभी डीएम और एसपी से कहा गया कि जिले और राज्य की सीमाओं को सील रखा जाए ताकि लोगों की आवाजाही रुके. केवल सामान जाने की अनुमति होगी. मज़दूर जहां काम कर रहे हैं, उनके वहीं रहने और खाने का इंतज़ाम किया जाए. उन्हें मज़दूरी दी जाए. घर का किराया न लिया जाए. जो मज़दूरों या छात्रों से घर खाली करने को कह रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. ज़िम्मेदारी डीएम और एसपी की होगी.
- सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछले तीन दिनों में प्रदेश में डेढ़ लाख अतिरिक्त लोग अन्य राज्यों से आए हैं. इन सभी लोगों के नाम, पता, फोन नंबर आदि सहित सूची तैयार करके सम्बन्धित जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए. इन सभी लोगों को निगरानी में रखा जाए और इन्हें अनिवार्य रूप से पृथक रखा जाए
- दिल्ली के आनंद विहार व आसपास के इलाकों में रातभर उत्तर प्रदेश और बिहार की तरफ जाने वाले लोगों की भीड़ जमी रही. यूपी ट्रांसपोर्ट और डीटीसी बसों के जरिए लोगों को अलग-अलग जगह पहुंचाया गया. सुबह होते-होते लॉकडाउन के बावजूद लोगों की भीड़ फिर यहां इकट्ठा हो गई. दिल्ली ने 570 बसें चलाई थी. उत्तर प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है, 'ध्यान रहे दिल्ली से कोई अपने घर या गांव नहीं पहुंचेगा बल्कि उसको 14 दिन सरकारी कैंप में रहना होगा.'
- वहीं, कोरोनावायरस से आज गुजरात और महाराष्ट्र में अब तक एक-एक मरीज की मौत हुई है. कोरोनावायरस से संक्रमित एक महिला की रविवार को मुंबई में मौत हो गई. महिला की उम्र 40 वर्ष बताई जा रही है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सांस लेने में तकलीफ होने के बाद महिला को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था. महिला को हाइपरटेंशन की भी समस्या थी.
- बीएसएफ में कोरोना का पहला मामला सामने आया है. बीएसएफ के अधिकारी की कोरोनावायस से संक्रमित पाया गया है. वह ग्वालियर में तैनात है. शनिवार को जांच में पॉजिटिव पाया गया. इनके साथ संपर्क में आये सब लोगो को किया गया अलग थलग यानी क्वारंटाइन में रखा गया है.
- कोरोनावायरस के चलते यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कुछ मानवीय फैसले लिए हैं. उनके अनुसार, जो उधम, संस्थान बंदी के दौरान अपने हर कर्मचारी को वेतन देना ही होगा. अधिकारी वेतन दिलाएं. हर गरीब, दिहाड़ी मज़दूर को सरकार एक हज़ार रूपए देगी, वो भले ही प्रदेश के किसी भी कोने में हो, इनको ढूंढिए और पैसा पहुंचाइए. पूरे प्रदेश में अल्प वेतन भोगी, श्रमिकों या गरीब लोगों से मकान मालिक किराया ना लें. ये मेरी अपील है. किसी की भी बिजली, पानी बकाए के चलते नहीं काटी जाएगी, आपूर्ति बराबर बनी रहेगी.
- केजरीवाल ने कहा, "कुछ लोग अपने गांव जाने के लिए बेताब हैं. प्रधानमंत्री जी ने सबसे अपील की है कि जो जहां है, वही रहे. मेरी भी आप सब से अपील है कि अभी आप अपने गांव ना जाएं, जहां हैं, वहीं रहें क्योंकि इतनी भीड़ में आपको भी कोराना होने का डर है. आपके माध्यम से कोरोना आपके गांव और परिवार में भी पहुंच जाएगा. मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि दिल्ली सरकार ने आपके रहने खाने का पूरा इंतजाम किया हुआ है."
- देश के उप-राष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने संसद के सभी सदस्यों से कोविड -19 से मुकाबला करने के लिए अपनी सांसद निधि (एमपीलैड फंड) से खुलकर योगदान देने की अपील की. उन्होंने कहा कि हर सांसद को शुरुआत में कम से कम एक करोड़ रुपये देना चाहिए.