अजमेर वार्ड पार्षदों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, पुलिस ने सभी को लिया हिरासत में

अजमेर पार्षदों द्वारा फूड सप्लाई सिस्टम बंद किए जाने का जिला कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर विरोध किया गया। जिस पर मामला लंबा खींचता देख पुलिस ने धारा 144 के उल्लंघन के आरोप में मेयर धर्मेंद्र गहलोत और पूर्व विधायक राजकुमार जयपाल सहित कई पार्षदों को हिरासत में ले लिया। इसकी सूचना पर कांग्रेस शहर अध्यक्ष विजय जैन, पूर्व मंत्री ललित भाटी, भाजपा के वरिष्ठ नेता वासुदेव देवनानी, अनिता भदेल कलेक्ट्रेट पहुंच गए। इन लोगों ने जिला कलेक्टर से खाद्य सामग्री वितरण बंद किए जाने और पार्षदों को हिरासत में लेने पर उनसे चर्चा की। वहीं पुलिस पार्षदों को सिविल लाइन थाने ले गई जहां बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।



जिला प्रशासन ने शहर में जरूरतमंदों को भोजन के पैकेट बांटने की व्यवस्था खत्म कर दी है। प्रशासन के इस कदम का मेयर धर्मेंद्र गहलोत सहित कांग्रेसी, भाजपाइयों व अन्य पार्षदों ने विरोध करते हुए कहा कि प्रशासन का इस मुद्दे पर संवेदनहीन रवैया सामने आ गया है।


वहीं जिला प्रशासन का इस बारे में कहना है कि बीएलओ से सर्वे करवाकर जरूरतमंद परिवार चिन्हित किए गए हैं और उन्हें 15 दिन की सुखी सामग्री पहुंचा दी है इसलिए भोजन के पैकेट वितरित करना अब जरूरी नहीं है शहर में रोजाना 6600 भोजन के पैकेट वितरित किए जा रहे थे।


वहीं मेयर व पार्षदों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के और किसी भी जनप्रतिनिधि को विश्वास में लिए बिना ही प्रशासन ने अक्षय पात्र एवं नगर निगम द्वारा वितरित भोजन पर रोक लगा दी है अक्षय पात्र एवं नगर निगम द्वारा भोजन से एक समय में सभी 60 वार्डों के 6600 गरीब और जरूरतमंद लोगों को भोजन प्राप्त हो रहा था। नया धर्मेंद्र ने कहा कि जिला प्रशासन का यह निर्णय का विवेकपूर्ण है और इसे तत्काल हटाया जाना चाहिए।